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नई दिल्ली:भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के चेयरमैन समीर कामत ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया है। डीआरडीओ चीफ ने कहा कि भारत की स्वेदेशी ब्रह्मोस और मिसाइल आकाशतीर रक्षा प्रणाली ने इस ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई है। यह ऑपरेशन न केवल पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब था बल्कि स्वदेशी तकनीक के जरिए अपनी रक्षा की क्षमता का ऐलान भी था।शनिवार को पुणे में डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के चौथे दीक्षांत समारोह डीआरडीओ चीफ ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक मिशन नहीं था। यह आत्मनिर्भरता, रणनीतिक दूरदर्शिता और स्वदेशी तकनीकी ताकत के जरिए भारत की बुलंदी का ऐलान था। उन्होंने कहा कि यह दुनिया को एक संदेश था कि भारत के पास स्वदेशी तकनीक से अपनी सीमाओं की रक्षा करने की क्षमता है।समीर कामत ने बताया कि अटैक में ब्रह्मोस मिसाइल को मुख्य हथियार के रूप में इस्तेमाल किया गया था, जिसे सुखोई मार्क 1 प्लेटफॉर्म से दागा गया था। ब्रह्मोस ने पाकिस्तान में कई लक्ष्यों को सफलतापूर्वक भेदा। इससे रूस के साथ मिलकर विकसित की गई इस क्रूज मिसाइल की ताकत का प्रदर्शन हुआ।उन्होंने कहा, बचाव करने वाले हथियार सिस्टम में आकाश सिस्टम, डी-4 सिस्टम (जो कि एक एंटी-ड्रोन सिस्टम है) और एमआर-एसएएम का इस्तेमाल किया गया था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्वदेशी एंटी ड्रोन नेटवर्क ने बॉर्डर पर आने वाले खतरों की पहचान कर उन्हें नष्ट करने में अहम योगदान निभाया। हवाई निगरानी के लिए एक अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल एयरक्राफ्ट का भी इस्तेमाल किया गया था।
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